कायमगंज, समृद्धि न्यूज। कायमगंज की दी किसान सहकारी चीनी मिल को उसके दो गन्ना क्रय केंद्र रोशनाबाद और फैजबाग वापस मिल गए हैं। ये केंद्र पहले गन्ना आयुक्त कार्यालय के आदेश पर हरदोई की डीसीएम श्रीराम शुगर यूनिट रूपापुर को दे दिए गए थे। इन केंद्रों के वापस मिलने से किसानों में खुशी है।
सहकारी चीनी मिल पिछले दो-तीन वर्षों से गन्ने की कमी के कारण पेराई का लक्ष्य पूरा नहीं कर पा रही थी। इस वर्ष क्षेत्र में बाढ़ के कारण गन्ने की कमी और बढ़ गई थी। जिससे मिल के बंद होने की आशंका जताई जा रही थी। इस मुद्दे को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। सहकारी चीनी मिल निदेशक मंडल के उपाध्यक्ष सावन कुमार उर्फ जय गंगवार और मिल के उच्चाधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर अपनी बात रखी थी। गन्ना विभाग की अपर मुख्य सचिव मीना कुमारी के समक्ष इस मामले में 29 नवंबर को अंतिम सुनवाई हुई। इसमें सहकारी चीनी मिल की ओर से मुख्य गन्ना अधिकारी प्रमोद यादव ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर मुख्य सचिव ने दोनों गन्ना क्रय केंद्रों को वापस सहकारी चीनी मिल को आवंटित करने का आदेश दिया। किसानों ने बताया कि सरकारी चीनी मिल के गन्ना खरीद केंद्र निजी मिल को चले जाने से उन्हें काफी परेशानी हुई थी। उन्हें आशंका थी कि गन्ने की कमी दिखाकर चीनी मिल बंद कर दी जाएगी। अब दोनों खरीद केंद्र्र वापस मिलने से सभी किसान खुश हैं। मिल के मुख्य गन्ना अधिकारी प्रमोद कुमार यादव ने जानकारी दी कि इस बार पेराई का लक्ष्य 17 लाख क्विंटल था, लेकिन गन्ने की कमी के कारण इसे संशोधित कर 7 लाख क्विंटल कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक 3,500 किसानों को पर्ची जारी की जा चुकी है और 1.25 लाख क्विंटल गन्ना मिल में आ चुका है। उन्होंने किसानों से समय पर और साफ. सुथरा गन्ना चीनी मिल लाने की अपील की है।
सहकारी चीनी मिल को दो गन्ना क्रय केंद्र वापस मिले, किसानों ने जतायी खुशी
