बाढ़ का कहर जारी: शमशाबाद कटरी के आधा सैकड़ा गांव जलमग्न

शमसाबाद, समृद्धि न्यूज। लगातार बढ़ रहे पानी से तराई इलाकों में भयावह स्थिति बन गयी है। आधा सैकड़ा से अधिक गांव जलमग्न हो गये हैं। क्षेत्र के कई संपर्क मार्ग पानी के तेज बहाव में बह गये। गंगा में पानी छोड़े गये पानी से कटरी के हालात बद से बदतर हो गये हैं। आलम यह है कि ऐसे हालातों में लोग या तो घरों के अंदर तख्त या चारपाई यों का सहारा ले रहे हैं या फिर छतों पर बैठकर खाना बनाने को मजबूर है। कई लोगों को घर से बेघर होने के बाद सड़क किनारे डेरा जमाकर खाना बनाते देखा गया। सावन के महीने में चिलचिलाती धूप, ऊपर से चारों तरफ बाढ़ का पानी कटरी क्षेत्र के लोगों के लिए बेहद मुश्किलें खड़ी कर रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार अगर कहीं आना जाना हो तो बाढ़ का पानी उनके कदमों को रोक रहा है। बुधवार को गंगा कटरी क्षेत्र के गांव बांसखेड़ा, भगवानपुर, नगला बसोला आदि क्षेत्र में आवागमन का माध्यम बना संपर्क मार्ग भी कट गया है। शाम तक बाढ़ की चपेट में कटने वाला मार्ग काफी भयावह स्थितियों में हो गया था। इस समय कटरी क्षेत्र के लुखड़पुरा, कटरी तौफीक, कैंचिया, बेला सराय गजा, अजीजाबाद, परशादी की मड़ैया, पाती नगला, उगरपुर, करनपुर, हुसैनपुर, चंपतपुर, अचानकपुर, दूंधा आदि गांव वाले आखिर बुरे वक्त में क्या करें। बाढ़ पीडि़तों का यह भी कहना था लंबा समय गुजरने के बाबजूद न तो प्रशासन द्वारा कोई व्यवस्था की गई न ही राहत वितरण के संबंध में कोई जानकारी दी गई। लोगों का यह भी कहना था हर वर्ष समाजसेवी जनप्रतिनिधि बाढ़ पीडि़त क्षेत्र में राहत सामग्री उपलब्ध कराया करते थे, लेकिन बुरे वक्त में इस बार किसी भी जनप्रतिनिधि तथा समाजसेवी व्यक्ति की अभी तक एंट्री नहीं हुई जो एक चिंता का विषय है। लोगों का यह भी कहना था क्या मानवता के पुजारी दायित्व निभाना भूल गए हैं। ग्रामीण बढ़ रहे पानी के चलते रात में डर की वजह से नहीं सो रहे हैं। उनका कहना है कि पता नहीं कब पानी बढ़ जाये और उनकी जल समाधि बन जाये।

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