समृद्धि न्यूज। सरकार ने दिल्ली एयरपोर्ट पर साइबर अटैक की बात मान ली है। राज्यसभा में नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इसकी जानकारी दी। नायडू ने कहा कि दिल्ली एयरपोर्ट पर साइबर अटैक हुआ था। जीपीएस सिग्नल से छेड़छाड़ की गई थी। नवंबर में देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर हवाई सेवाओं के संचालन में भारी परेशानी देखने को मिली थी। दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे पर करीब 800 उड़ानें प्रभावित हुईं। इस दौरान एटीसी की तरफ से ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम में खराबी बताया गया था, लेकिन अब केंद्र सरकार ने संसद में एक लिखित बयान में स्वीकार किया है कि दिल्ली समेत देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर जीपीएस स्पूफिंग की समस्या हुई थी।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि 10 नवंबर को दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर कुछ उड़ानों में स्पूफिंग की शिकायतें मिलीं। मगर इस घटना में भी कोई विमान प्रभावित नहीं हुआ। डीजीसीए ने 24 नवंबर 2023 को जीएनएसएस इंटरफेरेंस पर एडवाइजरी जारी की और जीपीएस जामिंग/स्पूफिंग की अनिवार्य रिपोर्टिंग का आदेश दिया। उन्होंने कहा क 10 नवंबर 2025 से रियल-टाइम रिपोर्टिंग के लिए नई एसओपी भी जारी की गई। उन्होंने कहा कि डीजीसीए और एएआई लगातार इसकी निगरानी कर रहे हैं, जीपीएस स्पूफिंग एक साइबर हमला है जिसमें नकली सिग्नल भेजकर डिवाइस को गलत लोकेशन दिखाई जाती है, जो विमानों के नेविगेशन को प्रभावित कर सकता। सरकार के अनुसार, जीपीएस जामिंग/स्पूफिंग की रिपोर्ट नवंबर 2023 से अनिवार्य की गई है। इसके बाद देश के कई बड़े हवाईअड्डों से यह समस्या लगातार सामने आ रही है। इसमें कोलकाता, अमृतसर, मुंबई, हैदराबाद, बंगलूरू और चेन्नई एयरपोर्ट शामिल हैं। इन सभी जगहों पर जीएनएसएस इंटरफेरेंस की शिकायतें मिल रही हैं।
सरकार ने मानी एयरपोर्ट पर साइबर अटैक की बात, GPS स्पूफिंग की कोशिश
