तंबुओं के शहर मेला रामनगरिया में दुकानदारों से हो रही जमकर अवैध वसूली

10 फिट की दुकान के जबरदस्ती वसूले जा रहे १५ हजार रुपये
पिछले सात सालों से नहीं हुआ मेले में होने वाली आय का आडिट
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अपरा काशी के पांचाल घाट पर आबाद तंबुओं का शहर मेला श्री रामनगरिया में अव्यवस्थायें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हालांकि बीते दिन आक्रोशित संत समाज ने मेला व्यवस्थापक को दो तीन का समय दिया था, लेकिन ऐसा लगता है कि संतों की आवाज नक्कारखाने में तूती की आवाज बनकर रह जायेगी और समस्यायें जस की तस बनी रहेंगी।
जानकारी के अनुसार अधिकारियों की सांठगांठ के चलते बीते करीब २५-३० सालों से मेला व्यवस्थापक संदीप दीक्षित ही बनते चले आ रहे हैं, जबकि उनके पास मूल पद अमीन का है। मेले में दुकानदारों से मनमाने तरीके से वसूली की जाती है। दुकानदार सादित, मोहम्मद, शहनवाज मेले में दुकान लगाये हैं। उनका कहना है कि उनसे १५ हजार रुपये १० फिट एरिया (दुकान) के हिसाब से पैसे वसूले जा रहे हैं। जबकि मेला व्यवस्थापक के चहेतों को १० हजार रुपये फिट (दुकान) के हिसाब से पैसे लिये जा रहे हैं। जैसा दुकानदार वैसी वसूली। इसके अलावा मेले में अव्यवस्थायें हावी हैं। महाराज मोहनदास का कहना है कि व्यवस्थाओं के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। कुछ न कुछ कमियां हमेशा बनी रहती हैं। जबकि संत होहल्ला करते हैं, लेकिन मेला व्यवस्थापक की अधिकारियों से अच्छी सांठगांठ के चलते उन पर कोई कार्यवाही नहीं होती है न ही अधिकारी उनसे सख्ती से कोई काम करवा पाते हैं, क्योंकि वह अधिकारियों को चढ़ावा चढ़ाते रहते हैं। जिससे अधिकारी भी खुश रहते हैं। जबकि हाल खराब संतों व कल्पवासियों का होता है। दूरदराज से आने वाले कल्पवासी कहते हैं कि पहले मेले में व्यवस्थायें काफी हद तक ठीक होती हैं, लेकिन धीरे-धीरे व्यवस्थायें कम होती जा रही हैं। कुल मिलाकर मेले से होने वाली आय में २५ प्रतिशत खर्च कर ७५ प्रतिशत बचत का कोई अता पता नहीं है। ऐसे में मेले में चाक चौबंद व्यवस्थाओं की उम्मीद करना बेमानी होगी।

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