समृद्धि न्यूज। अब तक चीनी और तुर्की के हथियारों के भरोसे रहा पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर में बड़ा धोखा खा चुका है। भारत ने पाकिस्तान के सभी हथियारों को जब चकनाचूर कर दिया तो अब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब के साथ नया सुरक्षा समझौता किया है। पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। इस समझौते के तहत अब किसी एक देश पर हमला दोनों पर हमला माना जाएगा। यह समझौता दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और आगे बढ़ाएगा, यानी नए हथियारों, तकनीक और सुरक्षा योजनाओं पर मिलकर काम किया जाएगा। पाकिस्तान और सऊदी अरब ने बुधवार को एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस रक्षा समझौते के तहत किसी भी एक देश पर किया गया हमला दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौता पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की रियाद यात्रा के दौरान अल-यमामा पैलेस में हस्ताक्षर हुए, जहां उनका स्वागत क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान ने किया।
ऑपरेशन सिंदूर में बुरी तरह पिटे पाकिस्तान को अब भी भारत से हमले का डर सता रहा है। भारत ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर विध्वंसक हमला किया था, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए थे। इसके बाद पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई की कोशिश पर भारत ने उसके 11 सैन्य ठिकानों को मिसाइल हमले में तहस-नहस कर दिया था। इस दौरान भारत ने पाकिस्तान द्वारा छोड़े गए चीनी और तुर्की हथियारों को मार गिराया था। लिहाजा अब पाकिस्तान सुरक्षा की दुहाई करने सऊदी अरब पहुंचा है। बुधवार को पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किया है। पाकिस्तान और सऊदी अरब ने बुधवार को जिस रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए, उसके मुताबिक किसी एक देश पर आक्रामकता को दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। पाकिस्तान को सिर्फ भारत से ही नहीं, बल्कि इजरायल से भी हमले का खतरा सता रहा है। ऐसे में पाकिस्तान ने इस्लामिक भाईचारा की दुहाई देकर सऊदी अरब के साथ यह डील की है। ताकि उसके ऊपर हमला होने पर सऊदी अरब किसी तरह पाकिस्तान की रक्षा में सहयोग कर सके।
पाक प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस समझौते में साफ किया गया है कि किसी भी एक देश पर हमला दोनों पर हमला समझा जाएगा, हस्ताक्षर के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया, करीब 8 दशकों से चली आ रही साझेदारी, भाईचारे, इस्लामी एकजुटता और साझा रणनीतिक हितों की नींव पर दोनों पक्षों ने रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता दिखाता है कि पाकिस्तान और सऊदी अरब अब अपने सुरक्षा संबंधों को और मजबूत करना चाहते हैं। दोनों देश मिलकर काम करेंगे ताकि अगर किसी पर हमला होता है तो वे एक-दूसरे का साथ देकर जवाब दे सकें। इस समझौते का एक और मकसद है कि क्षेत्र में और पूरी दुनिया में शांति और स्थिरता बनी रहे। दोनों देशों के बीच यह हस्ताक्षर सऊदी में हुए। पीएम शरीफ सऊदी के दौरे पर गए थे। जहां उनके स्वागत के लिए रियाद के उप-गवर्नर मोहम्मद बिन अब्दुर्रहमान बिन अब्दुलअज़ीज़ मौजूद थे। उनके साथ विदेश मंत्री इशाक डार, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ, वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगज़ेब, सूचना मंत्री अताउल्लाह तारड़, पर्यावरण मंत्री मुसादिक मलिक और विशेष सहायक तरीक फातिमी भी इस यात्रा में शामिल थे।
