समृद्धि न्यूज। अमेरिका के दिग्गज अरबपति कारोबारी एलन मस्क ने माना है कि भारतीय प्रतिभाओं के कारण अमेरिका को काफी फायदा हुआ है। उन्होंने अमेरिकी तकनीकी और नवाचार की दुनिया को आकार दिया। एलन मस्क ने कहा कि अगर कोई समाज में योगदान देता है, तो यह खुशी की बात है, लेकिन जितना आप देते हैं उससे ज़्यादा कमाने का लक्ष्य रखें। अगर आप कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जो आर्थिक रूप से मूल्यवान हो, तो आप उसके पीछे न भागें। बेहतर यही है कि आप वास्तव में उपयोगी उत्पाद और सेवाएं बनाएं, अगर आप ऐसा करते हैं, तो पैसा स्वाभाविक रूप से आपके पास आएगा। मस्क ने कहा, मुझे लगता है कि अमेरिका को प्रतिभाशाली भारतीयों से बहुत फायदा हुआ है। मेरा मतलब है, अमेरिका भारत की प्रतिभा का एक अत्यधिक लाभार्थी रहा है। अमेरिका ने हमेशा दुनिया भर से वास्तव में बुद्धिमान लोगों को आकर्षित किया है जिसकी वजह से भारत में कई लोगों ने इसे प्रतिभा पलायन कहा। मस्क में इस बात पर सहमति जताते हुए कहा कि भारतीयों ने अमेरिकी तकनीकी उद्योग को मजबूत किया है। उन्होंने कहा, हां मुझे लगता है कि अमेरिका आए प्रतिभाशाली भारतीयों से अमेरिका को बहुत फायदा हुआ है। एलन मस्क ने कहा, बाइडेन के कार्यकाल में खुली सीमाएं हानिकारक थीं, क्योंकि उन्होंने अपराधियों को भी अमेरिका में प्रवेश करने की अनुमति दी थी, यदि अवैध रूप से अमेरिका आने और इन सभी सरकारी लाभों को प्राप्त करने के लिए एक बड़ा वित्तीय प्रोत्साहन है, तो आप आवश्यक रूप से लोगों के अमेरिका आने के लिए एक प्रसार ढाल बनाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपके पास सीमा नियंत्रण होना चाहिए और ऐसा न करना हास्यास्पद है, मस्क ने इस चिंता का समाधान किया कि प्रतिभाशाली अप्रवासी मूलनिवासियों से नौकरियां छीन रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस धारणा की वैधता पर पूरा यकीन नहीं है, अपने अनुभव के आधार पर, उनका मानना है कि प्रतिभाशाली लोगों की कमी है और कुशल अप्रवासी नौकरियां छीनने के बजायए खाली जगहों को भर रहे हैं। मस्क ने कहा मुझे नहीं पता कि यह कितना सच है। मेरा मानना है कि प्रतिभाशाली लोगों की हमेशा कमी रहती है। बड़े कामों को पूरा करने के लिए पर्याप्त प्रतिभाशाली लोगों को ढूंढऩे में हमें बहुत कठिनाई होती है। मेरी कंपनियों, टेस्ला, स्पेसएक्स एक्स और एक्स एआई का पूरा ध्यान दुनिया भर से प्रतिभाओं को तलाशने पर रहता है। अमेरिका के एच-1बी वीजा पर मस्क ने कहा कि यह कहना सही होगा कि इसका कुछ दुरुपयोग हुआ है। कुछ आउटसोर्सिंग कंपनियों ने सिस्टम के साथ खेल करने की कोशिश की है। इसे रोकना होगा। हालांकि उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि हमें एच-1बी कार्यक्रम को बंद कर देना चाहिए। ऐसा करना वास्तव में बहुत बुरा होगा। अमेरिकी आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल भारत एच-1बी वीजा का सबसे बड़ा लाभार्थी था, जिसकी 71 प्रतिशत, हिस्सेदारी थी। चीन 11.7 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर था। वहीं एलन मस्क ने खुलासा किया कि उनकी पार्टनर शिवोन जिलिस आधी भारतीय हैं और उनके एक बेटे का मिडिल नेम शेखर है, जो भारतीय-अमेरिकी नोबेल विजेता एस0 चंद्रशेखर को सम्मान देने के लिए रखा गया है। जब मस्क से पूछा गया कि क्या जिलिस कभी भारत आई हैं, तो उन्होंने बताया कि जिलिस को बचपन में गोद ले लिया गया था और वे कनाडा में पली-बढ़ीं। मस्क ने कहा मुझे पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन लगता है कि उनके जैविक पिता किसी यूनिवर्सिटी में एक्सचेंज स्टूडेंट थे। उन्हें बचपन में ही गोद ले दिया गया था। मस्क ने आगे कहा कि जो कोई भी कंपनी बनाना चाहता है, उसे कड़ी मेहनत करनी चाहिए और असफलता के लिए तैयार रहना चाहिए। जैसे आप सीधे खुशी की तलाश नहीं कर सकते, आप उन चीज़ों की तलाश करते हैं जो खुशी की ओर ले जाती हैं, लेकिन यह सीधे प्रयास जैसा नहीं है, लेकिन आम तौर पर, अगर कोई कंपनी चलाने की कोशिश कर रहा है, तो उसे बहुत मेहनत करनी चाहिए।
भारतीय टैलेंट ने भी अमेरिका को सुपरपावर बनाया, एच-1बी और आव्रजन पर बोले टेस्ला सीईओ एलन मस्क
