देश की सुख-समृद्धि के लिए करता हूं प्रार्थना सभायेंफर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। देवरिया भागलपुर से आये पास्टर अभिषेक मुरार ने बताया कि लोगों को प्रभु के करीब लाने का मेरा प्रयास है। एमए, बीएड के साथ-साथ पास्टर की डिग्री लेने के बाद अभिषेक मुरार ने अपने पिता के बताये हुए उद्देश्यों को लेकर प्रभु के लिए जन जागृति पैदा करने के लिए लोगों के बीच जाकर परमात्मा के प्रति याद दिलायी। उन्होंने कहा कि एक ऐसा रिश्ता है जो परमात्मा को याद करना, जोडऩा और उनके पास लाना ही सबसे बड़ी भक्ति है। यीशु की पूजा करो, परमात्मा पर विश्वास करो, उनके करीब रहो, ईश्वर की भक्ति के लिए समय निकालो आदि विचारों को लेकर लोगों को परमात्मा से जोड़ते है। जो इन उद्देश्यों से भटकता है उनके बीच से सुख-समृद्धि भटकने लगती है। उन्होंने कहा कि सत्य ज्योति पत्रिका का मैं सह संपादक हूं। मेरे छोटे भाई एनोस अमन मुरार इसके संपादक है। मैं उसमें लेख लिखता रहता हूं। १९८१ में मेरे पिता डेविड मुरार ने पत्रिका का संपादन शुरु किया, तब से यह पत्रिका लगातार चल रही है। शिष्य को दिव्य ज्ञान की प्राप्ती परमात्मा से होती है। बच्चा जन्म लेता मुी बंद होती है, इसी तरह जिम्मेदारी जब मिलती है तो मुी बंद कर व्यक्ति प्रयत्न करता है कि इस जिम्मेदारी को संभालना है और आगे विस्तार करना है। इसी तरह से संसारिक क्षेत्रों में शिक्षा अनिवार्य है। व्यक्ति अगर शिक्षित है तो वह अपना मुकाम हासिल कर सकता है। हिन्दुस्तान के हर मंच पर प्रभु की शान में लोगों को वचन बांटता हूं और प्रभु परमेश्वर के प्रति अध्यात्म से जुडऩे के लिए लोगों को प्रेरित करता हूं। जिससे जीवन में शांति लाओ, प्रार्थना करों और देश की समृद्धि और सुरक्षा के लिए दुआ करते है।
