एक करोड़ का इनामी नक्सली कमांडर हिडमा ढेर, पत्नी और छह नक्सलियों के शव बरामद

समृद्धि न्यूज। छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश बॉर्डर पर सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में छह नक्सली मारे गए हैं। बस्तर का सबसे खूंखार नक्सली कमांडर हिड़मा और उसकी पत्नी इस मुठभेड़ में ढेर हो गए हैं। आंध्र प्रदेश-छत्तीसगढ़ बॉर्डर के पास जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में शीर्ष नक्सली कमांडर मादवी हिडमा और उसकी पत्नी को गोली लगी और दोनों की मौत हो गई। आंध्र प्रदेश के अल्लूरी जिले और छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षाबलों ने माओवादियों को पकडऩे के लिए सर्च अभियान चलाया था। इसी दौरान नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। मादवी हिडमा की उम्र 43 वर्ष थी, पिछले दो दशकों से सुरक्षा बलों के लिए वह चुनौती बना हुआ था, वह न सिर्फ पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आमी की बटालियन नंबर 1 का प्रमुख था, बल्कि सीपीआई माओवादी की केंद्रीय समिति का भी सबसे कम उम्र का सदस्य रहा था, उसकी रणनीतिक सोच और जंगलों में गुरिल्ला युद्ध की क्षमता ने उसे संगठन का सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक बना दिया था। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पुववर्ती गांव की आदिवासी जनजाति मुरिया से माड़वी हिडमा ताल्लुक रखता है। वह बाल संघ के जरिए माओवादी पार्टी में शामिल हुआ। अपने लोगों में विचारों का संचार करने वाले हिडमा ने माओवादियों द्वारा संचालित एक स्कूल में अपने विचारों की शुरुआत की। उसने किशन जी उर्फ भद्रन्ना के नेतृत्व में सशस्त्र संघर्ष में कदम रखा। हिडमा का जन्म वर्ष 1981 में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पुवर्ती इलाके में हुआ था, बेहद कम उम्र में ही वह माओवादी संगठन से जुड़ गया और कमांडर बन गया, वर्ष 2013 में छत्तीसगढ़ के दरभा घाटी नरसंहार में वह मुख्य साजिशकर्ता था, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं समेत 27 लोग मारे गए थे। इसके अलावा 2017 में सुकमा में सीआरपीएफ पर हुए घातक हमले में भी उसका मुख्य रोल था, जिसमें 25 जवान शहीद हुए थे, उसने कम से कम 26 बड़े हमलों की योजना बनाई और उन्हें अंजाम दिया, उस पर एक करोड़ का इनाम था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *