समृद्धि न्यूज। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत से भारतीय रेल ने नया अध्याय लिखा है। 17 जनवरी 2025 को प्रधानमंत्री मोदी ने हावड़ा-गुवाहाटी रूट पर देश की पहली स्लीपर वंदे भारत को हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन यात्रा समय में 2.5 घंटे की कमी लाएगी और हवाई यात्रा जैसा अनुभव देगी। पीएम मोदी शनिवार को बंगाल दौरे पर हैं, जहां वे करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। पीएम मोदी बंगाल में देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस ट्रेन के साथ ही भारतीय रेलवे आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। यह वंदे भारत ट्रेन पश्चिम बंगाल के हावड़ा से गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलेगी।
#WATCH | Malda, West Bengal: PM Narendra Modi flags off India’s first Vande Bharat Sleeper Train between Howrah and Guwahati (Kamakhya)
(Source: DD) pic.twitter.com/lQkE5g6gCa
— ANI (@ANI) January 17, 2026
इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के साथ भारतीय रेलवे आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज बंगाल को चार और आधुनिक, अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें मिली हैं। न्यू जलपाईगुड़ी- नागरकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस, न्यू जलपाईगुड़ी-तिरुच्चिरापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस, अलीपुर द्वार-बेंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस और अलीपुर द्वार-मुंबई अमृत भारत एक्सप्रेस, इससे बंगाल और खासतौर पर उत्तर बंगाल की दक्षिण और पश्चिम भारत से कनेक्टिविटी और सशक्त होगी। रेलवे के आत्मनिर्भर होने की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज भारतीय रेल आधुनिक होने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भी हो रही है। रेल इंजन, रेल के डिब्बे, मेट्रो कोच, ये सब भारत की टेक्नोलॉजी की पहचान बन रहे हैं। आज हम अमेरिका और यूरोप से ज्यादा लोकोमोटिव्स बना रहे हैं। दुनिया के कई देशों को पैसेंजर ट्रेन और मेट्रो ट्रेन के कोच एक्सपोर्ट करते हैं, इन सब के कारण हमारी इकोनॉमी को बहुत लाभ मिलता है और हमारे नौजवानों को बहुत रोजगार मिलता है। प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए चार नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी भी दिखाई। जिनमें न्यू जलपाईगुड़ी-नागरकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस, न्यू जलपाईगुड़ी-तिरुचिरापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस, अलीपुरद्वार-एसएमवीटी बेंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस और अलीपुरद्वार-मुंबई (पनवेल) अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन शामिल हैं। इन चारों ट्रेन की शुरुआत से लंबी दूरी के किफायती और विश्वसनीय रेल सम्पर्क में सुधार होगा।
