फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। शहर की ऐतिहासिक व गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल फतेहगढ़ लोको स्थित दरगाह हजऱत मखदूम शाह सैयद शहाबुद्दीन औलिया अलैहि रहमा में शाबान मोअज्जम महीने का माहाना कुल 16वी शरीफ़ ,दोपहर बाद नमाज जोहर खानकाह पर कुरान पाक की तिलावत के साथ एहतमाम हुआ। जिसमें हाफिज अलीम वारसी व जामिया के उस्ताद हाफिज अरशद साबरी और जामिया के बच्चों ने नजरों नियाज़ कर फूल व चादर पेश की, साथ ही तकसीमे लंगर हुआ। बड़ी संख्या में लोगों ने अपने-अपने तरीके से फूल व चादर चढ़ाकर अपनी अकीदत पेश कर खानकाह मे दुआएं मांगी। साथ ही कव्वाली का भी एहतमाम हुआ। कब्बाल कमालुद्दीन ने पढ़ा तू बढ़ा गरीब नवाज है तेरे हाथ में मेरी लाज है या गरीब नवाज, ऐ नूरे निगाहे गंजे शकर मखदूम अली अहमद साबरी, बल हारे गरीबा एक नजर मखदूम अली अहमद साबरी। तेरे दर पर लाई है किस्मत मेरी, तुझको अपना बनाना तेरा काम है। सदारत खानकाह के नायब सज्जादा नशीन शाह मुहम्मद वसीम चिश्ती साबरी मुजद्दिदी ने की और तकरीर कर कहा ख्वाजा ने अपनी खानकाह में इस पैगाम के साथ अपनी खानकाह को आम किया की मोहब्बत सभी से नफरत किसी से नहीं और आज इसी पैगाम को हर खानकाह या दरगाह को आम करने की जरूरत है, क्योंकि इन सूफियो ने अपनी खानकाह के दरवाज़े पूरी आलमे इन्सानियत के लिए खोल रखे है और इसी वजह से आज भी दरगाहों में हर कौमों मिल्लत के लोग फैज पाते है। इस मौके पर हाजी समीउल्लाह खान, अज़हर हुसैन, अंसार साबरी, रफत हुसैन, आफताब साबरी, जावेद कादरी, आसिफ साबरी व शिवम् आदि मौजूद रहे।
लोको दरगाह पर १६वीं शरीफ पर हुआ माहाना कुल
