ग्रामीणों बोले क्षेत्र में चोरी छिपे सागौन के पेड़ों की कटाई करने वाले माफिया तो नहीं

शमशाबाद, समृद्धि न्यूज। शमशाबाद क्षेत्र में एक लंबे समय से अज्ञात चोरों द्वारा रात के अंधेरे में हरे भरे वृक्षों को काटे जाने का दौर जारी है। जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल देखा जा रहा है। आरोप है इस तरह के कार्य को अंजाम देने वाले लकड़ी माफियाओं को संभवता पुलिस का संरक्षण प्राप्त है और ग्रामीणों के क्रोध से बचने के लिए दिन की बजाए रात्रि के अंधेरे में हरे भरे वृक्षों पर आरे चलवा कर जहां एक ओर ग्रामीण किसानों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर धरती की हरियाली को उजाड़ सरकार के अरमानों पर भी पानी फेर रहे हैं। बताते चलें सरकार हर वर्ष धरती की हरियाली को बरकरार रखने के लिए समाज सेवी, जनप्रतिनिधियों के माध्यम से वृक्षारोपण अभियान चलाती है जिसके तहत हजारों, लाखों पेड़ लगाए जाते हैं। अफसोस चंद पैसों के चक्कर में पुलिस प्रशासन तथा वन विभाग द्वारा लकड़ी माफियाओं को संरक्षण देकर धरती की हरियाली को उजाड़ा जा रहा हैं। एक उदाहरण शमशाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम खुडऩाखार से जाने वाले चक रोड जहां नट का नगला के पास देखा गया। यहां रात्रि के अंधेरे में आम तथा चांदनी के पेड़ों को काटा जा रहा था। ग्रामीण राजेश कुमार ने बताया लकड़ी माफिया द्वारा रात्रि के अंधेरे में सागौन जैसे कीमती पेड़ों को काटे जा चुके हैं। उन्होंने बताया उनके द्वारा सागौन के और भी वृक्ष तैयार किया जा रहे हैं जिनकी रखवाली के लिए आवागमन करना पड़ता है। शनिवार की रात्रि जब वृक्षों की रखवाली के लिए बाइक द्वारा गुजर रहे थे उस समय वृक्ष कटने की आवाज सुनाई दी। जब मौके पर जाकर देखा तो लकड़ी माफिया हरे भरे वृक्षों को कटवा रहे थे। जब लकड़ी माफियाओं को भनक हुई, तो उन्होंने भागने का प्रयास किया। जिस पर उन्हें दौड़कर पकड़ लिया गया। आक्रोशित लोगों ने पिटायी कर दी। जब माफियाओं से जानकारी की, तो माफियाओं का कहना था बिना परमिशन के काट रहे हैं। पुलिस से बात हो गई। रात्रि में लकड़ी काट रहे हो, दिन में क्यों नहीं। जिस पर लकड़ी माफियाओं का जवाब था दिन के उजाले में हर कोई देखता है। लकड़ी माफियाओं ने अपना नाम हाफिज तथा कल्लू निवासी शमशाबाद बताय। उधर लकड़ी माफियाओ द्वारा हरे भरे वृक्षों को कटवाए जाने की सूचना पुलिस को दी गई। जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को हिरासत में लेकर थाने ले आई। बताते हैं नट का नगला चक रोड पर स्थित ग्राम खुडिऩाखार निवासी एक किसान के आम के पेड़ हैं। जिन्हें लकड़ी माफिया द्वारा रात्रि में कटवाया जा रहा था। माफियाओं के पकड़े जाने के बाद अन्य लोग सामान बाइक तथा ट्रैक्टर ट्राली आदि छोड़कर फरार हो गए। ——————
