केंद्रीय राज्य मंत्री स्वागत से दिखायी दिये गदगद

कम्पिल, समृद्धि न्यूज। पारिवारिक कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा का क्षेत्रवासियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। मंत्री के आते ही माहौल उत्साह से भर उठा और लोगों में उन्हें देखने की होड़ सी लग गई।
शनिवार को क्षेत्र के ग्राम पंचायत सवितापुर बिहारीपुर के मजरा हल्दीखेड़ा में कृष्णपाल राजपूत के पुत्र पवनेश राजपूत के तिलक समारोह में शामिल होने आये। बताया गया कि मंत्री वर्मा अपने साडू की पुत्री के तिलक में शामिल होने आए थे। समारोह में पहुंचने से पहले उनका काफिला क्षेत्र में कई स्थानों पर रुका, जहाँ कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। कम्पिल कस्बे में भाजपा नेताओं ने मंत्री को 51 किलो की माला पहनाई। कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। वर पक्ष के अनुसार पवनेश राजपूत का विवाह कुसुम वर्मा से तय हुआ है। कुसुम वर्मा स्वर्गीय गंगा सिंह वर्मा की पुत्री हैं और मूल रूप से ग्राम भवानीपुर, ग्राम पंचायत हजरतगंज, उझानी (जनपद बदायूं) की निवासी हैं। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सवितापुर बिहारीपुर की पूर्व प्रधान शाहाना बेबी, कासिम अली शाह, नंदराम शाक्य, अरुण दुबे, प्रभाकर राजपूत, राजेंद्र प्रजापति, नवनीत पाण्डेय, स्वदेश राजपूत, राजेश कठेरिया, रामेत राजपूत, ओम शरण राजपूत, आदेश वर्मा, राजनेश राजपूत सहित भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।

दूसरे की माला में अपना सर

कपिल : स्वागत का माहौल पूरी तरह पारिवारिक था, लेकिन फोटो खिंचाने की भूख बिल्कुल राजनीतिक। मंत्री के सम्मान में लाई गई माला जैसे ही आगे बढ़ी, पीछे खड़े नेता अचानक ऐसे सक्रिय हुए मानो यह मौका सम्मान का नहीं, जिसकी गर्दन पहले—उसी की लोकप्रियता ज़्यादाज्ज् वाला प्रतियोगी खेल हो।

माला मंत्री को पहनाई जा रही थी, पर दिख ऐसे रहा था जैसे किसी समूह-फोटो में च्च्समान प्रतिनिधित्वज्ज् का अनौपचारिक नियम लागू हो गया हो। माला एक थी पर उसमें गर्दनें कई—और यहीं भीड़ से व्यंग्य भरा वाक्य निकला जिसे किसी ने रोके बिना बोल दिया— दूसरे की माला में अपना सर!  इतना साफ़ था कि लोग दबी हँसी छिपा नहीं पाए। मंत्रीजी गंभीर, माला भारी, और पीछे से झांकते चेहरे ऐसी कोशिश में लगे थे कि कहीं फोटो में उनका च्लोकप्रियता हिस्साज् कम न पड़ जाए।

एक बुजुर्ग ने बगल वाले से धीरे से कहा— स्वागत तो मंत्रीजी का हो रहा है, पर चमक सबको बराबर चाहिए!

और जनता ने मुस्कुराकर सिर हिलाया— राजनीति में माला चाहे किसी एक के गले में पड़े, फोटो में जगह सबकी होनी चाहिए।

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