बाढ़ से बेघर हुए आधा दर्जन गांवों के ग्रामीणों को आशियाने की जरुरत

विधायक सुरभि ने बनायी थी ६५ पात्र ग्रामीणों की सूची लेखपाल बोले कोई नुकसान नहीं हुआ, सभी लोग अपात्र शमशाबाद,समृद्धि न्यूज। बाढ़ से बर्बाद हुए करीब आधा दर्जन गांव के ग्रामीणों को छत की आवश्यकता है। करीब डेढ़ महीने बाद सर्वे करने करने पहुंचे लेखपाल ने कहा यहां तो कोई नुकसान नहीं हुआ है। सभी लोग अपात्र हैं। जानकारी के अनुसार एक समय जब गंगा कटरी क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का सैलाब देखा जा रहा था। बाढ़ के विनाशकारी सैलाब के चलते दर्जनों गांव के सैकड़ों ग्रामीणों को घर बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर बसना पड़ा था। विनाशकारी बाढ़ ने दर्जनों ग्रामीणों के आशियानों को तहस नहस कर दिया था। आने जाने के रास्ते भी ध्वस्त हो गए थे तथा किसानों की कृषि योग भूमि बर्बाद हो गईं। ग्रामीणों के अनुसार सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा फसलें बाढ़ के सैलाब में बर्बाद हो गईं। शमशाबाद विकास खंड की ग्राम पंचायत नगला बसोला के प्रधान पति सोरन राजपूत के आग्रह पर कायमगंज विधायक डा0 सुरभि ने ग्राम सभा नगला बसोला के ग्रामीणों की समस्याओं के संबंध में उप जिलाधिकारी कायमगंज को पत्र देकर बाढ़ पीडि़त क्षेत्र का सर्वे कराकर बाढ़ पीडि़तों को आवास व आर्थिक सहायता तथा प्रभावित लोगों की सूची उपलब्ध कराकर जांच और कार्यवाही के आदेश दिए थे। उप जिलाधिकारी कायमगंज ने तहसीलदार को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। तहसीलदार के निर्देश पर क्षेत्रीय लेखपाल सौरभ यादव डेढ़ महीने बाद मौके पर पहुंचे। तब तक वहां स्थिति सामान्य हो चुकी थी। जो लोग खुले आसमान के नीचे जीवन यापन कर रहे थे। बाढ़ पीडि़त लोग झोपडिय़ों के सहारे जीवन यापन करने लगे। क्षेत्रीय लेखपाल सौरभ यादव ने जांच पड़ताल के दौरान बाढ़ से कोई नुकसान नहीं होने तथा ना ही किसी के अपात्र होने की बात कही, जबकि क्षेत्रीय विधायक डा0 सुरभि ने ग्राम सभा नगला बसोला के अंतर्गत आधा दर्जन मजरों के लगभग 65 पात्र लोगों की सूची बनाकर उप जिलाधिकारी को पत्र भेजा था। लोगों का आरोप है क्षेत्रीय लेखपाल सौरभ यादव जब जांच के लिए पहुंचे तब तक बहुत देर हो चुकी थी और बाढ़ भी समाप्त हो चुकी थी। लोग अपने-अपने मजरों में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत रहने लगे थे। ग्राम सभा नगला बसोला के अंतर्गत मजरा पश्चिम नगला नगरिया, ठाकुर नगला, मुंशी नगला तथा नगला बसोला यहां बाढ़ से बर्बाद हुए लगभग 65 लोगों को बाढ़ पीडि़त श्रेणी में माना गया था तथा विधायक ने बाढ़ पीडि़त क्षेत्र का आंकलन कराकर आर्थिक सहायता तथा आवास उपलब्ध कराए जाने के संबंध में एसडीएम को पत्र दिया था। ग्रामीणों का आरोप है क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा वास्तविक जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करायी गयी है। ग्रामीणों ने एक बार फिर प्रशासनिक अधिकारियों से बाढ़ पीडि़त क्षेत्र का सही से आंकलन कराकर आर्थिक सहायता तथा आवास मुहैया कराए जाने की मांग की है। –

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