कंपिल, समृद्धि न्यूज। महाभारत और रामायण कालीन स्मृतियों को समेटे ऐतिहासिक नगरी कंपिल के पौराणिक श्री रामेश्वर नाथ मंदिर का 4.70 करोड़ रुपये की लागत से कायाकल्प शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विकास योजना के तहत मंदिर को नया और भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। परियोजना का मुख्य आकर्षण अयोध्या शैली में बनने वाला 6 मीटर लंबा मुख्य प्रवेश द्वार और कलात्मक नक्काशीदार दीवारें होंगी।
लखनऊ की संस्था करा रही निर्माण कार्य
पर्यटन विभाग की देखरेख में शुरू हुए इस कार्य की जिम्मेदारी लखनऊ की कार्यदायी संस्था जीएस कंस्ट्रक्शन को सौंपी गई है। परिसर में प्रवेश द्वार के अलावा परिक्रमा पथ, श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था और प्रकाश के विशेष प्रबंध किए जाएंगे। निर्माण स्थल पर मौजूद ठेकेदार रोहित सिंह ने बताया कि कार्य को गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
त्रेतायुग और शत्रुघ्न जी से जुड़ा है इतिहास
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंदिर में स्थापित प्राचीन शिवलिंग का संबंध त्रेतायुग से है। जनश्रुति है कि भगवान श्रीराम के छोटे भाई शत्रुघ्न ने इस पावन शिवलिंग की स्थापना की थी। एक अन्य लोकमान्यता के अनुसार लंका की अशोक वाटिका में माता सीता द्वारा इसी स्वरूप के पूजन का उल्लेख मिलता है।
धार्मिक पर्यटन और स्थानीय व्यापार को लगेंगे पंख
सावन मास में यहां जलाभिषेक के लिए दूर-दराज से हजारों कांवड़िए व श्रद्धालु पहुंचते हैं। वर्ष भर भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। मंदिर के कायाकल्प से कंपिल को प्रदेश के धार्मिक पर्यटन पटल पर नई पहचान मिलेगी। वहीं, पर्यटकों की आमद बढ़ने से स्थानीय स्तर पर फूल-माला, प्रसाद, खान-पान और परिवहन व्यवसाय को नई गति मिलेगी।
