आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण से संबंधित डीएम ने की समीक्षा

 लापरवाह अधिकारियों पर की जायेगी कार्यवाही
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण से संबंधित समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। डीएम ने आईजीआरएस संदर्भों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए गए कि निस्तारण आख्या में आवश्यक साक्ष्य अनिवार्य रूप से अपलोड किए जाएं। साक्ष्य के रूप में शिकायतकर्ता से संपर्क, स्थलीय निरीक्षण तथा शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति में दो पड़ोसियों के बयान सहित आख्या अपलोड की जाए। डीएम ने शिकायतकर्ताओं से संपर्क न करने वाले अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आवेदकों से संवाद न किया जाना अनुशासनहीनता ही नहीं, बल्कि गंभीर अपराध है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शत-प्रतिशत शिकायतकर्ताओं से अनिवार्य रूप से वार्ता की जाए। आवेदकों से संवाद न करने के क्रम में सीडीपीओ शमसाबाद, प्रबंधक दुग्ध विकास, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद, खंड शिक्षा अधिकारी नवाबगंज, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण, अधिशासी अभियंता विद्युत सहकारिता विभाग, सीएचसी नवाबगंज, सीएमओ एवं बीईओ नवाबगंज को विशेष रूप से निर्देशित किया गया। डीएम ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी प्रतिदिन कार्यालय पहुंचकर सर्वप्रथम आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा करें तथा शिकायतों का निस्तारण स्वयं की निगरानी में कराना सुनिश्चित करें। प्रत्येक शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की जाए। यदि कोई संदर्भ संबंधित अधिकारी से संबद्ध नहीं है, तो उसे उसी दिन अथवा अगले दिन अनिवार्य रूप से वापस किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि डिफाल्टर होने से कम से कम 05 दिन पूर्व आईजीआरएस पोर्टल पर गुणवत्तापूर्ण एवं सुस्पष्ट निस्तारण आख्या अपलोड की जाए। जिन अधिकारियों की लापरवाही से डिफाल्टर संदर्भ बनेंगे या जनपद की रैंकिंग प्रभावित होगी, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, पीडी डीआरडीए, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), एसडीएम सदर, सीओ सिटी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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