हम भौतिक शिक्षा में संस्कारों को भूल आसुरीयता की ओर बढ़ते जा रहे हैं: वीरेंद्र सिंह राठौर

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ओमनिवास सेंटर पर शिक्षक दिवस मनाया गया। केंद्र संचालिका शोभा दीदी ने कहा शिक्षक तो कई प्रकार के होते हैं धार्मिक शिक्षक, महान शिक्षक, वर्तमान के शिक्षक केवल ट्यूशन पढऩे में रुचि रखने वाले शिक्षक, आदर्श शिक्षक, शिक्षक के बिना हम शिक्षा को प्राप्त नहीं कर सकते हैं। हम अपने जीवन में कितने भी बड़े कामयाब इंसान क्यों न बन जाएं, लेकिन हमें शिक्षक को कभी नहीं भूलना चाहिए। शिक्षक एक पेड़ की तरह होता है जो अपने सभी विद्यार्थियों पर ज्ञान की छांव हमेशा बनाए रखता है। आज के दिन हमारे शिक्षकों की बड़ी मेहनत और जुनून को स्वीकार करने और सराहना करने का दिन है। जिन्होंने हमारे दिमाग को आकार देने और हमें सफलता की राह पर मार्गदर्शन करने में महत्वपूर्ण और रचनात्मक भूमिका निभाई है। शोभा दीदी ने कहा कि हम रिश्ते नाते पद या धन वैभव किसी में भी कितने ही बड़े क्यों ना हो जाएं हम अगर अपने परमात्मा शिक्षक को उच्च स्थान नहीं देते तो हमारा भला होना मुश्किल है। मुख्य अतिथि के रूप में पधारे भाजपा नेता वीरेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि आजकल शिक्षकों की परिभाषा बदल सी गई है। शिक्षक को ना शिक्षा का महत्व है और ना उसका आदर, इसलिए दिनोंदिन मूल्य गिरते जा रहे हैं। समाज का रूप बदलता जा रहा है। भौतिक शिक्षा तो मिल रही है पर संस्कारों के अभाव से समाज आसुरीयता की ओर बढ़ता जा रहा है। महेश पाल सिंह उपकारी ने कहा कि शिक्षकों के शिक्षक और गुरुओं के गुरु सर्वोच्च शिक्षक परमात्मा शिव मानवता के शिक्षक प्रजापिता ब्रह्मा के माध्यम से हमें छोटी-छोटी शिक्षाओं से लेकर बड़ी-बड़ी शिक्षाओं को ब्रह्माकुमारी संस्थान में बहनें ज्ञान सुनाकर नई दुनिया वाले संस्कारों को भर रही हैं। इस मौके पर 35 स्कूलों के 50 शिक्षकों ने भाग लिया। पूनम बहन, एकता बहन, संतोष बहन ने सभी बहनों ने पटका उड़ाकर बैच पहनाकर तिलक लगाकर सम्मानित किया। भारती मिश्रा, देवकुमार, अजीत, राम अवतार, अनूप, मोनी, मनीष, अमित, दीपक, मनोरमा, शिवराज, निर्मला, वैभव, मनीष, आमोद, वीना दुबे, रमाकांत, अशोक, हरिदत्त, अनुपम, चित्र बहन सहित काफी टीचर मौजूद रहे।

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