30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले सरकारी कर्मचारियों को एक नोशनल वार्षिक वेतन वृद्धि के लाभ की मांग में दाखिल याचिका,

प्रयागराज

30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले सरकारी कर्मचारियों को एक नोशनल वार्षिक वेतन वृद्धि के लाभ की मांग में दाखिल याचिका,

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव वित्त और प्रमुख सचिव पर्सनल से चार हफ्ते में मांगा जवाब,

हाईकोर्ट ने अधिकारियों को पक्षकार बनाने की दी इजाजत,

याचिका में संशोधन और पक्षकार बनाने की अर्जियां 2020 में ही दाखिल की गई थीं,

अर्जी में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के क्रम में चार मई 2010 के शासनादेश में संशोधन करने की मांग की गई थी,

इसके अलावा प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव वित्त व प्रमुख सचिव पर्सनल को प्रतिपक्षी के रूप में पक्षकार बनाने की मांग की गई थी,

कोर्ट ने दोनों प्रार्थना पत्रों को स्वीकार करते हुए नए पक्षकारों से याचिका पर चार सप्ताह में जवाब मांगा है,

गाजियाबाद में सिंचाई विभाग में अधिशासी अभियंता कार्यालय में व्यैक्तिक सहायक ग्रेड वन के पद से 30 जून 2018 को सेवानिवृत्त जगवीर सिंह रोहिला की याचिका,

याची ने मद्रास हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की प्रतियां संलग्न कर एक वेतनवृद्धि की मांग की,

सिंचाई विभाग के विभागाध्यक्ष द्वारा कोई कार्यवाही नहीं करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की,

सुनवाई के बाद कोर्ट ने याची के प्रकरण में दो महीने में निर्णय लेने का आदेश दिया,

सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष ने कहा कि वित्तीय हस्त पुस्तिका के खंड दो भाग दो व चार में इस तथ्य का कहीं उल्लेख नहीं है,

कि याची को पेंशन की स्वीकृति के दिनांक का वेतनवृद्धि देय है,

साथ ही कहा कि मद्रास हाईकोर्ट ने आदेश केवल पी अय्यम पेरूमल के संबंध में दिया है,

याची ने प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष सिंचाई विभाग के आदेश को पुनः याचिका दाखिल कर चुनौती दी,

याची जगवीर सिंह रोहिला की ओर से दाखिल याचिका

जस्टिस अब्दुल मोईन की सिंगल बेंच ने दिया आदेश।

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