रुस से तेल खरीद पर भारत का जवाब, भारत-पाक संघर्ष में कोई मध्यस्थता स्वीकार नहीं: एस. जयशंकर

समृद्धि न्यूज। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस से तेल खरीदने के भारत के फैसले का बचाव किया। जयशंकर ने कहा कि इस खरीद से कीमतों में स्थिरता आती है और राष्ट्रीय और वैश्विक दोनों हित सधते हैं, जयशंकर ने अमेरिका के साथ चल रही व्यापार वार्ताओं की भी बात की और कहा कि भारत स्वतंत्र निर्णय लेने में सक्षम है, हम किसानों और छोटे व्यापिरयों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत.पाकिस्तान के बीच संघर्ष के मुद्दे पर बड़ा बयान भी दिया है। जयशकंर ने कहा भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष के मुद्दे पर हम किसी भी तरह की मध्यस्थता स्वीकार नहीं करते हैं।

1970 के दशक से आज पचास साल बीत चुके हैं और ये एक राष्ट्रीय सहमति है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस के साथ भारत के ऊर्जा संबंधों का बचाव करते हुए कहा कि हमारी तेल खरीद राष्ट्रीय और वैश्विक दोनों ही हित में है। विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत में व्यापार का मुद्दा आड़े आ रहा है, लेकिन भारत स्वतंत्र रूप से निर्णय लेना जारी रखेगा,विदेश मंत्री ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर जोर दिया और रूसी तेल की खरीद पर हो रही आलोचनाओं का जवाब दिया। जयशंकर ने कहा, यह हास्यास्पद है कि व्यापार समर्थक अमेरिकी प्रशासन के लोग दूसरों पर व्यापार करने का आरोप लगा रहे हैं, अगर आपको भारत से तेल या रिफाइंड प्रोडक्ट खरीदने में दिक्कत है, तो मत खरीदो, कोई आपको इसके लिए मजबूर नहीं कर रहा। यूरोप खरीदता है, अमेरिका खरीदता है, अगर आपको नहीं पसंद न खरीदें। वहीं भारत पाकिस्तान संघर्ष विराम कराने का दावा कर रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को विदेश मंत्री डॉ0 एस जयशंकर ने आईना दिखाया। विदेश मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि हमने पाकिस्तान के मामले में कभी भी किसी की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की। पाकिस्तान के साथ मध्यस्थता को लेकर भारत का रुख हमेशा स्पष्ट रहा है और आगे भी रहेगा। एक कार्यक्रम में विदेश मंत्री डॉ0 एस जयशंकर ने कहा कि भारत पाकिस्तान संघर्ष के मुद्दे पर हमने 1970 से लेकर अब तक 50 साल में कभी भी किसी की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की। भारत में हमेशा से राष्ट्रीय सहमति रही है कि हम पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों में मध्यस्थता स्वीकार नहीं करते हैं।

 

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