उन्नाव, समृद्धि न्यूज। बीघापुर तहसील में आयोजित जिला स्तरीय सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी गौरांग राठी ने फरियादियों की समस्याओ में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर कई विभागों के अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की है। जानकारी के अनुसार अधिकारियों की अनुपस्थिति और आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) में खराब प्रगति पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने 6 विभागों के अधिकारियों का वेतन रोकने और उनसे स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। समाधान दिवस में जिलाधिकारी के साथ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश भी मौजूद रहे। डीएम ने निर्देश दिए कि एक भी शिकायत लंबित न रहे और उनका निस्तारण समयबद्ध व संतोषजनक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन शिकायतों में असंतुष्ट फीडबैक मिला है, विभागीय अधिकारी स्वयं फोन कर पुष्टि करें। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि आईजीआरएस में सुधार नहीं हुआ तो पूरा मामला मुख्यमंत्री कार्यालय को संदर्भित किया जाएगा।
तहसील दिवस में अनुपस्थित रहने और कार्य प्रगति शून्य पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संभागीय परिवहन अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, अभिहित अधिकारी (खाद्य सुरक्षा), अपर मुख्य अधिकारी (जिला पंचायत), और अधिशासी अभियंता (ग्रामीण अभियंत्रण विभाग) का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया। परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह को अन्य संबंधित अधिकारियों के लिए निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला सेवा योजन अधिकारी और उपायुक्त उद्योग को भी खराब फीडबैक के कारण कड़ी चेतावनी दी गई। जिलाधिकारी ने तहसील और पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि यदि किसी भी स्थिति में सरकारी जमीन पर कब्जा मिला तो तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और दोषियों को भूमाफिया घोषित किया जाए। उन्होंने चकरोड, पैमाइश और अवैध कब्जे जैसी राजस्व संबंधी शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता से निस्तारित करने को कहा।
सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को यह भी आदेश दिया गया कि वे निस्तारित शिकायतों का फीडबैक अवश्य लें, क्योंकि शिकायतकर्ता की संतुष्टि सर्वोपरि है। सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 130 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 5 शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। शेष शिकायतों के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को टीम बनाकर तत्काल जांच और समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
