समृद्धि न्यूज। ओवरलोडिंग के मामलों को लेकर परिवहन विभाग में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के निर्देश पर जिलों और संभागों में तैनात 18 सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों (एआरटीओ) का तबादला किया गया है। इसके साथ ही तीन आरटीओ को नई तैनाती दी गई है। आलोक कुमार यादव को लखनऊ के सहायक संभागीय अधिकारी एआरटीओ प्रवर्तन पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर द्वारा जारी सूची में प्रशासन और प्रवर्तन दोनों इकाइयों के अधिकारियों को इधर-उधर किया गया है। इस फेरबदल में लखनऊ, गाजियाबाद, आगरा और कानपुर कई महत्वपूर्ण जिलों की कमान बदली गई है। फतेहपुर में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन/प्रवर्तन पुष्पांजलि मित्रा गौतम को शासन के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर सरकारी सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन, कर्तव्यहीनता, प्रशासनिक पारदर्शिता और विभागीय अनुशासन भंग करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। निलंबन के साथ ही उन्हें मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। 12 नवंबर को एसटीएफ ने फतेहपुर में ओवरलोडिंग और अवैध गतिविधियों के मामले में एआरटीओ, खनन अधिकारी समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसी प्रकरण में एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा गौतम का नाम सामने आने के बाद शासन स्तर पर कार्रवाई की गई है। वहीं आलोक कुमार यादव के अतिरिक्त चंपा लाल को सिद्धार्थनगर के एआरटीओ प्रशासन, अशोक कुमार श्रीवास्तव को गाजियाबाद, कौशल कुमार सिंह को सोनभद, मानवेंद्र प्रताप सिंह को सहारनपुर, विनय कुमार सिंह को आगरा और कृष्ण कुमार यादव को फर्रुखाबाद के एआरटीओ प्रशासन के पद पर भेजा गया है। हरिओम को बदायूं, वैभव सोती को बरेली, सतेंद्र कुमार यादव को मथुरा, विंध्याचल कुमार गुप्ता को कानपुर, उमेश चंद्र कटियार को रायबरेली, गुलाब चंद्र को अयोध्या, विपिन कुमार को बागपत, हरिओम को शाहजहांपुर, प्रतीक मिश्र को फतेहपुर, नीतू शमां को बुलंदशहर का एआरटीओ प्रवर्तन बनाया गया है। देवदत्त कुमार को मेरठ का एआरटीओ प्राविधिक बनाया गया है।
