सपा का वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान
चुनाव आयोग पर लगाये गंभीर आरोप, कानूनी कार्यवाही की मांग
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। समाजवादी पार्टी ने मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ी और लोकतंत्र की रक्षा के मुद्दे पर कड़ा रुख अपना लिया है। जिलाध्यक्ष चन्द्रपाल सिंह यादव व पूर्व मंत्री एवं जिला प्रभारी अवधेश वर्मा और नि0 प्रदेश सचिव डॉ0 जितेन्द्र सिंह यादव ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी।
समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री व जिला प्रभारी अवधेश वर्मा ने कहा कि 2 अक्टूबर से पार्टी द्वारा एक सप्ताह का वोट बचाओ, देश बचाओ और संविधान को बचाने का अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गांव-गांव, कस्बे-कस्बे और विधानसभा स्तर पर जाकर वोट चोरी के एजेंडे का पर्दाफाश करना है। सपा का आरोप है कि मतदाता सूचियों में हेरफेर करके बड़ी संख्या में गरीबों और पिछड़ों के नाम काटे जा रहे हैं, जो कि सीधे तौर पर वोट चोरी और लोकतंत्र पर हमला है।
सपा जिलाध्यक्ष चन्द्रपाल सिंह यादव ने मतदाता सूचियों में धांधली और चुनावी निष्पक्षता को लेकर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग उठाई है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि देश का संविधान नागरिकों को मताधिकार की ताकत देता है, लेकिन पिछले कुछ समय से चुनावों के दौरान मतदाता सूचियों में सुनियोजित तरीके से हेरफेर की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों और पिछड़ों के नाम बड़ी संख्या में मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं, जो कि सीधे-सीधे वोट चोरी है। उन्होंने कहा कि जब-जब वोट चोरी होगी, तब-तब देश का संविधान और लोकतंत्र खतरे में पड़ेगा। इसी के तहत समाजवादी पार्टी पूरे प्रदेश में वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान चला रही है। मुख्य चुनाव आयुक्त पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फर्रुखाबाद के आम नागरिकों, मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं से अपने-अपने बूथों पर सतर्क रहने और वोटर लिस्ट की बारीकी से जांच करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी न्याय की इस लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी और सडक़ से लेकर न्यायालय तक इस लड़ाई को मजबूती से लड़ेगी।
समाजवादी पार्टी के नि0 प्रदेश सचिव व अमृतपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी डॉ0 जितेन्द्र सिंह यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र का मजाक बनाया जा रहा है। डॉ0 जितेन्द्र सिंह यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि वे चुनाव आयोग को किसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह चला रहे हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के बजाय मुख्य चुनाव अभियुक्त कहना ज्यादा सही होगा। डॉ0 जितेन्द्र सिंह यादव ने जनता और पत्रकारों से इस लड़ाई में साथ देने की अपील करते हुए कहा कि यदि वोट ही चोरी हो जाएंगे तो नागरिकों के अधिकारों का कोई औचित्य नहीं बचेगा।
वरिष्ठ सपा नेता सरल दुबे ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त की पृष्ठभूमि पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि चुनाव संचालन करने वाली संस्था की निष्पक्षता प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लेखपालों के माध्यम से सत्तारूढ़ दल के स्थानीय जनप्रतिनिधियों के इशारे पर मनमाने ढंग से वोट काटे जा रहे हैं।
उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय से तीन जजों की समिति गठित कर मुख्य निर्वाचन आयुक्त की पृष्ठभूमि और निष्पक्षता की संपूर्ण न्यायिक जांच कराने की मांग की। सरल दुबे ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए दावा किया कि उनके परिवार के लोग बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान लेखपाल और संबंधित अधिकारी सत्तारूढ़ भाजपा के क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के दिशा-निर्देशों पर काम कर रहे हैं और मनमाने तरीके से मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण का भाजपा से मोह भंग हो चुका है। अब ब्राह्मण पूरी तरह समाजवादी पार्टी के साथ है।
सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुकी ने कहा चुनाव आयोग संदेह के घेरे में आ गया है, जबकि यह एक संवैधानिक और स्वतंत्र संस्थान है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि उनका आचरण ठीक नहीं रहा है और उन्होंने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
मुख्य उद्देश्य बड़े पैमाने पर समाजवादियों के वोट काटने का था, लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर कार्यकर्ता सजग रहे, जिससे यह प्रयास सफल नहीं हो सका। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के आचरण की निंदा की और राष्ट्रपति से उन्हें तत्काल पद से बर्खास्त करने की मांग की। इस मौके पर राजीव शाक्य, रामपाल यादव, सुभाष चन्द्र शाक्य, केके यादव, अनुराग यादव, शिवम पटेल, ओमप्रकाश शर्मा आदि लोग मौजूद रहे।
