साधु संतों व नागरिकों ने तीर्थनगरी की चौबीस कोसी परिक्रमा शुरु की

कम्पिल, समृद्धि न्यूज। चारों युगों की अनमोल विरासत को संजोए तीर्थनगरी कम्पिल में शनिवार को मार्गशीष (अगहन) मास के कृष्णपक्ष की प्रतिपदा तिथि के मौके पर बाहर से पधारे साधु संतों व नागरिकों ने तीर्थनगरी की चौबीस कोसी परिक्रमा की। इस दौरान भजन कीर्तन का दौर भी चला।
नगर के कालेश्वर नाथ मंदिर से बाबा सत्यगिरी महाराज के नेतृत्व में तीर्थनगरी की दो दिवसीय परिक्रमा गुरुवार को शुरू की गयी। छठी बार आयोजित यह तीर्थ परिक्रमा द्रोपदी कुंड से होते हुए नगला फुलू, भोगपुर, जोगपुर, सिकन्दरपुर, हमीरपुर काजी, निजामुद्दीनपुर, समाउद्दीनपुर, चांदपुर कच्छ होते हुए द्रौपदी स्वयंवर स्थल बेदू गड्ढा में रात्रि विश्राम करेगी। तत्पश्चात अगले दिन कमलाईपुर, हल्दीखेड़ा, सवितापुर, ग्रासपुर आदि गांवों में होते हुये ब्राहिमपुर नरोत्तमपुर गांव में जलपान करके कालेश्वर नाथ मंदिर पर भगवान शिव के दर्शन के बाद संपन्न होगी। यह तीर्थ परिक्रमा मानव कल्याण के लिए आरंभ की गयी है। साधु संतों की इस पौराणिक नगरी कम्पिल तीर्थ की परिक्रमा में इटावा, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, बेबर आदि से पहुंचे साधु, संतों व ग्रामीणों ने भाग लिया। तीर्थ परिक्रमा के दौरान साधु संतों द्वारा हर-हर महादेव, राधे-राधे के साथ धार्मिक भजन कीर्तनों का दौर चला। परिक्रमा का कई स्थानों पर ग्रामीणों द्वारा जलपान व नाश्ता कराकर जोशीला स्वागत किया गया। अंत में यात्रा संपन्न होने के बाद कालेश्वर नाथ पर भंडारे का कार्यक्रम होगा। संतों ने बताया कि इसी प्रकार से हर वर्ष कंपिल पुरी का परिक्रमा किया जाएगा। परिक्रमा में संत रमेशदास, राधवानंद, बाबा रामलालेश्वर, प्रकाश गिरि, बाबा सनुआ महाराज, भोले गिरि, अशोक गोस्वामी, बाबा कृष्ण गिरि, स्वमेशानंद, सत्यानंद, भूरेदास, शिवदास महाराज, महंत सत्यगिरी, महंत बाबा ब्रजानंद, महंत सतपाल, महंत हरिओम गिरी, महंत भगवान दास, महंत श्रीप्रकाश दास आदि सन्त व ग्रामीण शामिल हुए।

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