राधा-रानी को स्वतंत्र ग्रन्थ व सभी शक्तियों का माना गया स्वरुपा
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। युगल जयंती उत्सव श्रीराधा श्याम शक्ति मंदिर लोहाई रोड पर मनायी गई। व्याख्यान माला के अन्तर्गत डा0 मनमोहन गोस्वामी भगवताचार्य ने अध्यात्मिक रहस्यमय श्रीराधा तत्व का विवेचन करते हुए कहा कि वैदिक पुराणों के कुछ अंशों को लेकर राधा सप्तशती को स्वतंत्रा ग्रन्थ कहा है। दुर्गा सप्तशती मार्कण्डेय पुराण, भगवत गीता, महाभारत, अन्य ग्रन्थों की रचना की गई। उसी प्रकार से राधा सप्तशती का स्वतंत्र रुप से भगवताचार्यों ने राधा जी का परम शक्ति, परम अध्यात्मिक दिव्य प्रेम तत्व की युगल सरकार श्रीराधा माधव दोनों एक ही परम शक्ति है। अपने स्वतंत्र रुप से व्याख्या की। मंगलाचरण श्लोक में अध्यात्मिक ऐतिहासिक वृंदावन की बृहत्ता के द्वारा चिंतन मंथन के द्वारा सृष्टि की रचना, वृंदावन यमुना, गोवर्धन, बरसाना की महिमा के साथ परम ब्रह्म पराशक्ति श्रीराधा शक्ति के अलौकिक प्रेम की व्याख्या की। बृज क्षेत्र श्रीकृष्ण धाम से पधारे भगवताचार्य योगेश गोस्वामी ने राधा-रानी की स्तुति जय राधा माधव गोपी नंदन भजन के साथ राधा-रानी का प्रेम स्वरुप, परम शक्ति भगवान की आंनद स्वरुप है, उनकी अभिव्यक्ति ही श्रीकृष्ण दोनों एक ही परम शक्ति है। समस्त ब्रह्माण्ड की देवीयों की शक्ति राधा-रानी में समाही है। अध्यात्मिक संगोष्ठी में डा0 शिवओम अम्बर, डा0 मनोज महरोत्रा, सुरेन्द्र सफ्फड़, अरुण जालान, हर्षित सिगतिया, जितेन्द्र अग्रवाल, कन्हैया अग्रवाल, अशोक मिश्रा, रघुवीर आदि लोग मौजूद रहे। सभी ने ठाकुर जी की कथा सुनी और आरती में भाग लिया। संचालन बृजकिशोर सिंह किशोर ने किया।
युगल जयंती उत्सव में राधा-रानी की भक्तों ने सुनी अध्यात्मिक कथा
