“संगम विहार थाने की कार्रवाई पर उठे सवाल; पत्नी दीक्षा ने ससुर और सौतेली सास पर लगाए गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग”
नई दिल्ली। दिल्ली के संगम विहार इलाके में विजय कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। मृतक की पत्नी दीक्षा का आरोप है कि 8 अक्टूबर 2026 को संगम विहार थाने में शिकायत देने के बावजूद 22 दिन बीत जाने तक FIR दर्ज नहीं की गई। हालांकि, इस मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
पति की मौत के बाद दो छोटे बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रहीं दीक्षा अब न्याय की गुहार लगा रही हैं। उनके सामने एक ओर पति की मौत से जुड़े सवाल हैं, तो दूसरी ओर छह साल के बेटे और करीब दो माह की नवजात बेटी के भविष्य की चिंता।
ससुर और सौतेली सास पर प्रताड़ना के आरोप
दीक्षा ने अपने शिकायत-पत्र में अपने ससुर जयवीर सिंह और सौतेली सास बसंती देवी पर कथित मानसिक प्रताड़ना, संपत्ति से बेदखल करने की धमकी और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि विजय कुमार की मौत से पहले की परिस्थितियों की गहराई से जांच की जाए और मामले से जुड़े सभी तथ्यों को निष्पक्षता के साथ परखा जाए। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का आधिकारिक बयान फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
कथित सुसाइड नोट और मोबाइल रिकॉर्ड की जांच की मांग
दीक्षा ने मामले में कथित सुसाइड नोट, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और अन्य संभावित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पति की मौत से जुड़े प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
ऐसे मामलों में साक्ष्यों को सुरक्षित रखना और उनकी विधिवत जांच करना महत्वपूर्ण होता है। अब यह देखना होगा कि शिकायत पर पुलिस ने क्या कार्रवाई की है और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच किस स्तर तक पहुंची है।
दो मासूम बच्चों के भविष्य की चिंता
विजय कुमार अपने पीछे छह साल का बेटा और लगभग दो माह की नवजात बेटी छोड़ गए हैं। पति की मौत के बाद दीक्षा पर बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी है। उनका आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद अब तक FIR दर्ज नहीं होने के कारण उन्हें न्याय के लिए लगातार गुहार लगानी पड़ रही है।
दीक्षा की मांग है कि उनकी शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए, मामले की निष्पक्ष जांच हो और जांच में जिन लोगों की जिम्मेदारी सामने आए, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कदम उठाए जाएं।
पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि 8 अक्टूबर को दी गई शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है? क्या पुलिस ने कथित सुसाइड नोट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की है? यदि FIR दर्ज नहीं की गई है, तो इसके पीछे क्या कारण हैं?
इन सवालों पर संगम विहार थाना पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है, ताकि मामले की स्थिति स्पष्ट हो सके।
दीक्षा की मांग—निष्पक्ष जांच हो, सच सामने आए
दीक्षा चाहती हैं कि उनकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए और कानून के मुताबिक उचित कार्रवाई हो।
अब सवाल सिर्फ FIR दर्ज होने का नहीं, बल्कि एक संदिग्ध मौत से जुड़े तथ्यों को निष्पक्ष तरीके से सामने लाने का भी है। दो छोटे बच्चों की मां दीक्षा को उम्मीद है कि उनकी शिकायत पर कार्रवाई होगी और उन्हें न्याय मिल सकेगा।
