मानव अपना चरित्र और कर्म सुधार ले तो होती है परम आनंद की प्राप्ति
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। डीपीवीपी विद्यालय में चल रही 22वें मानस सम्मेलन में मनीष तिवारी ने कहा कि मानस की चौपाइयां महामंत्र है, जो रामकथा सुनने की नहीं बल्कि जीने की चीज है, इसे जीने से अहंकार मोह इंद्रियों के दोषो का अंत होता है मन हृदय तथा आत्मा पवित्र होती है जीवन में भक्ति की…
